हमारे बारे में

अच्छे लोगों को अच्छा कार्य ही प्रिय लगता है क्योंकि अंदर से आप बहुत ही अच्छे हैं। श्रेष्ठ पुरुष किसी भी काल में यज्ञ दान तप रूपी क्रियाओं का त्याग नहीं करते जब तक आत्मज्ञान न हो  जाय। इनका त्याग तो करना ही नहीं चाहिए बल्कि सजग होकर, प्रमाद रहित होकर बड़ी लगन एवं निष्ठा के साथ इन कर्मों का  संपादन करता रहे। स्थूल कर्मों की भांति ये कर्म नहीं है बल्कि मुनियों को भी पवित्र करने के लिए आत्मज्ञान के पूर्व ये तन मन वचन की पूजा हैं।

आपके पावन जन्म दिवस, वर्षगांठ, पुण्यतिथि एवं अन्य मांगलिक अवसरों पर वैदिक ब्राह्मणों द्वारा आपके जीवन की दिव्यता के लिए यहां पर विशुद्ध वैदिक विधि द्वारा 
अकाल मृत्यु नाशक महामृत्युंजय जप,गायत्री जप,पुरुष सुक्तश्री सूक्तएवं रुद्राभिषेक पूजन इत्यादि का अनुष्ठान प्रतिदिन होता है । ऐसा होने से हमारा जीवन दिव्यातिदिव्य होकर सुख शांति की अनुभूति होती है और न चाहते हुए भी एक आध्यात्मिक ऊर्जा का पुंज हमारे मन बुद्धि चित्त में प्रकाशित होने लगता है। 

नोट:- विशेष प्रकार की समस्याओं के लिए अन्य विशेष अनुष्ठान होते हैं।

सभी प्रकार की जानकारी के लिए 
:- 8273299870


जन्मदिन, वर्षगांठ, गृह-प्रवेश एवं सभी मांगलिक अवसरों पर आप गौ, संत, ब्राह्मण, परिव्राजकों  में भंडारा(अन्नदान) देकर आप विशेष पुण्य का लाभ ले सकते हैं।