गौपूजन

2023-04-27 08:22:35

By Admin

गौ पूजन से पुण्य फल की प्राप्ति , भाग्य बदलती है गौमाता

सनातन धर्म में गाय को संसार का सबसे पवित्र प्राणी माना जाता है, हिंदू धर्म के धार्मिक ग्रंथों, वेदों, पुराणों में कामधेनु गाय का उल्लेख मिलता है. इसके अलावा गरुड़ पुराण में भी गाय का जिक्र मिलता है. गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के पश्चात आत्मा को वैतरणी नदी पार करनी पड़ती है, मान्यता है की व्यक्ति ने अगर जीवित रहते हुए गौ दान किया है तो वह गाय की पूंछ पकड़कर वैतरणी नदी पार कर जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण गाय की सेवा अपने हाथों से करते थे और गोलोक में निवास करते थे. हिंदू धर्म में गौ-पूजा, गौ-सेवा, गौ-दान के पीछे कई कारण हैं जिनका धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व भी है. चलिए जानते हैं आखिर गाय का हिंदू धर्म, संस्कृति में इतना महत्व क्यों है? 

गाय में होता है 33 कोटि देवी-देवताओं का वास

सनातन धर्म में गाय को पूजनीय बताया गया है क्योंकि इसमें 33 कोटि देवताओं का वास होता है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इन 33 प्रकार के देवताओं में 12 आदित्य, 8 वसु, 11 रूद्र और 2 अश्विन कुमार हैं. ऐसे में मान्यता है कि एक गाय की सेवा-पूजा कर लेने से 33 कोटि देवताओं का पूजन संपन्न हो जाता है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है. यही कारण है कि संसार का सबसे बड़ा दान गौ-दान माना जाता है.